Miss You Shayari

कभी बदली सा बरसना कभी चाँद सा छुप

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कभी बदली सा बरसना कभी चाँद सा छुप जाना,
उफ़्फ़्, बहुत खलता है तेरा यूँ चुपके से चले जाना..

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